Coir Vikas Yojana (cvy) : कार्यान्वयन, उद्देश्य, लाभ, पात्रता

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Coir Vikas Yojana : CVY- coir बोर्ड द्वारा शुरू की गई है जो कि एक योजना है जिसके तहत सक्षम लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय यानी कि एमएसएमई के तहत कार्य करती है। घरेलू बाजारों को सुविधाजनक तथा निर्यात के विकास को बनाने के लक्ष्य से इस को शुरू किया गया है।

योजना का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास, उद्यमशीलता, कच्चे माल के उपयोग में सुधार, प्रभावी प्रशिक्षण रोजगार, सृजन और विकास व्यापार से संबंधित सेवाएं, कॉयर श्रमिकों से संबंधित कल्याणकारी गतिविधियों, तथा महिलाओं को सशक्तिकरण प्रदान करना है

Coir Vikas Yojana

दोस्तों आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको Coir Vikas Yojana के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेंगे। उसी के साथ-साथ बताएंगे कि इस योजना का लाभ क्या है? यह किस प्रकार से आपके काम आएगी और Coir Vikas Yojana का उद्देश्य क्या है? योजना के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु आपको कौनसी-कौनसी पात्रता को मानना होगा? तथा योजना के तहत होने वाले कार्य स्वयं की भी जानकारी हम आपको आज के इस लेख के माध्यम से प्रदान करेंगे। यदि आप योजना के बारे में और भी अधिक जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तब आप हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िए।

Coir Vikas Yojana (cvy) : कार्यान्वयन, उद्देश्य, लाभ, पात्रता

Coir Vikas Yojana का उद्देश्य

पहले भी हमने आपको बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास, उद्यमशीलता, कच्चे माल के उपयोग में सुधार, प्रभावी प्रशिक्षण रोजगार, सृजन और विकास व्यापार से संबंधित सेवाएं, कॉयर श्रमिकों से संबंधित कल्याणकारी गतिविधियों, तथा महिलाओं को सशक्तिकरण प्रदान करना है।

यो योजनाएं करण इकाइयों को स्थापित करने में मदद करेगा मौजूदा कच्चे माल को भी बेहतर बनाने में इसकी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मौजूदा को इकाइयों को अद्यतन करने के लिए भी काफी ज्यादा मदद होगी। उन उत्पादों को भी उत्पादन करने हेतु मदद करने के लिए जो ग्राहकों के लिए उच्च मूल्य के हैं।

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Coir Vikas Yojana के लाभ

  • यह नई कॉयर प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापित करने में मदद करेगा।
  • मौजूदा कच्चे माल को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा।
  • महिलाओं को रोजगार के अवसर बेहतर मात्रा में उपलब्ध कराने में मदद होगी।
  • ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को भी इसके तहत लाभ होगा।
  • मौजूदा कॉयर इकाइयों को भी अद्यतन करने के लिए सहायता प्राप्त होगी।
  • उन उत्पादों को उत्पादन करने के लिए ग्राहकों को उच्च मूल्य प्राप्त होगा।
  • जो पर्यावरण के अनुकूल है उन तकनीकों को अपनाने में मदद करेगा।
  • उत्पादन इकाइयों की अवस्थापना सुविधाओं का आधुनिकीकरण करना है।
  • आधुनिकीकरण करने के बाद गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार लाना है।
  • क्षेत्रों में क्षमता है उन क्षेत्रों में उद्योग लाने में मदद करना।
  • नई पीढ़ी को उद्योग में उद्यमियों को लाने में मदद करना।

Coir Vikas Yojana की आवश्यकता

भारतीय कॉलेज असंगठित प्रक्रियाओं और उद्दोग विकेन्द्रीकृत संचालन से गिर गया है। संचारित कार्यप्रणाली और उपयुक्त प्रशिक्षण में कमी इस उद्योग को अंतिम उत्पादों की गुणवत्ता के अपेक्षित स्तर को हासिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

पर्याप्त प्रशिक्षण के बिना उत्पादन गतिविधियों मैं घटिया गुणवत्ता तथा श्रमिकों की भागीदारी उद्योग के अस्तित्व के लिए हानिकारक साबित होती है। coir का एक पारंपरिक उत्पाद होने के वजह से कौशल विकास के लिए जगह है जो कि उद्योगों के समग्र विकास के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है अप्रशिक्षित गैर पारंपरिक क्षेत्रों में कोई उद्योग के प्रयास के लिए अब प्रशिक्षण और अपस्किलिंग अनिवार्य हो जाता है।

उत्पादन के आधार का विकास करने हेतु क्षेत्र स्तर पर कार्य करो को प्रशिक्षित करने के लिए बड़ा संख्या में प्रशिक्षकों की आवश्यकता थी ऐसा महसूस किया गया है। आपको बता दें कि पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक, विशेषज्ञ, प्रशिक्षक, प्रबंधकीय प्रशिक्षक के पर्याप्त पर एक प्रशिक्षण की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए तीन स्तरीय प्रशिक्षण प्रणाली को शुरू करने का अब प्रस्ताव किया गया था।

Coir Vikas Yojana का कार्यान्वयन

  • जो Coir उद्योग में लगे हुए हैं उनकी कौर बोर्ड प्रसंस्करण से जुड़े कर्मचारियों और कारीगरों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी लेता है।
  • कॉयर बोर्ड को हर कारीगरों की सुविधाओं के अनुसार विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण सत्र आयोजित करता है।
  • यह अलग-अलग समूह के मदद से चलती हैं जो कॉयर संबंधित गतिविधियों में शामिल है।जैसे कि
  • क्षेत्र प्रशिक्षण केंद्र सहकारी समितियों
  • गैर सरकारी संगठनों
  • संघों और एसएसयूआरटीआई एसपीवी
  • अन्य समूह

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Coir Vikas Yojana के लाभ

योजना के काफी सारे लाभ है जिस की सूची हमने निम्नलिखित प्रकार से बताई है।

  • पूरे भारत में योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति लघु और मध्यम उद्योगों के सीमा के भीतर होने चाहिए।
  • योजना के तहत प्रदान की जाने वाली धनराशि अधिकारी द्वारा तय की जाएगी।
  • योजना के तहत उद्योगों को दिए जाने वाले मोटर और उपकरण भारतीय मानक ब्यूरो मानकों के अनुसार होंगे।
  • 25 करोड़ की वित्तीय सहायता अधिकतम सीमा तक ही प्रदान की जाने वाली है।

Coir Vikas Yojana के लिए पात्रता

जो भी इच्छुक लाभार्थी योजना के तहत लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तब उन्हें कुछ पात्रता मानदंड को मानना होगा जिसकी जानकारी हमने इस प्रकार से बताई है।

  • संगठन के पास एक मानव माल होना चाहिए।
  • संगठन के पास जीएसटी नंबर भी होना अनिवार्य है।
  • मशीनें BIS मानकों ही होनी चाहिए।
  • मशीनरी 2 साल की गारंटी के साथ प्रदर्शन के बारे में आना चाहिए।
  • योजना के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु प्रतिलिपि भी प्रस्तुत की जानी चाहिए।
  • आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन ही अंजाम देना होगा।
  • सभी विवरण को भी ऑनलाइन जमा कराना होगा
  • जो भी लाभ प्राप्त करना चाहते हैं वह एमएसएमई अधिनियम द्वारा निर्धारित निवेश सीमा के भीतर होने चाहिए।
  • हार्ट चेक क्लियर बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी या फिर ऊपर चेत्रीय अधिकारी द्वारा चेक किया जाएगा।
  • आपके सभी दस्तावेजों को अधिकारी द्वारा जांच आ जाएगा।
  • पांच सदस्य तकनीकी समिति जिसके तहत व्यापार से 2 प्रतिनिधि होते हैं
  • तथा तीन वरिष्ठ अधिकारी मशीनरी के विभिन्न कीमतों की सीमा के संबंध में निर्णय लेंगे
  • अथवा इसकी समीक्षा समय-समय पर की जाएगी।

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको योजना के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की है। किस प्रकार से योजना के तहत आंवला प्राप्त कर सकते हैं। और योजना के कार्य बहन की भी जानकारी हमने आपको बता दी है। यदि आप योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं।

तब आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा। और उसी के साथ साथ आपको पात्रता मानदंड को भी मानना होगा। जिसके बाद ही आप योजना के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र माने जाएंगे। 25 करोड़ तक की आर्थिक वित्तीय सहायता योजना के तहत तय की गई है।

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