तेंदूपत्ता बीमा योजना : chhattisgarh tendupatta beema yojana

तेंदूपत्ता बीमा योजना 2020 | Tendupatta Beema Yojana 2020 | तेंदूपत्ता संग्राहकों का बीमा योजना | chhattisgarh tendupatta beema yojana update in Hindi | CG tendupatta beema yojana 2020

तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana 2020 के अंतर्गत संग्रहको के लिए बहुत बुरी खबर है। क्योंकि तेंदूपत्ता बीमा योजना पर अब सरकार द्वारा रोक लगा दी गई है। क्योंकि राज्य सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहकों का बीमा भुगतान नहीं किया गया है। आपको बता दें के बहुत सारे बीमा योजनाएं संचालित की गई थी जैसे कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, साइड शिक्षा प्रोत्साहन योजना आदि

दोस्तों आप सभी लोग जानते हैं भारत के सरकार नई नई प्रकार की योजनाएं लेकर आती हैं। उन्हीं योजनाओं में से तेंदूपत्ता बीमा योजना भी शामिल हैम मगर अब इसको रोक लगा दी गई है जो भी लोग इस कार्य पर निर्भर थे अब उनको इसी योजना के तहत लाभ मिलना बंद हो गया है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता के संग्राहकों के लिए यह योजनाएं वन विभाग के जिला लघु ववनोपज सहकारी संघ मर्यादित के ज़रिए अनेक प्रकार की योजनाओं तहत तेंदूपत्ता सन ग्राहकों को को लाभाविन्त किया जाता था

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तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana 2020

दोस्तों आपको हम बता दें कि छत्तीसगढ़ की सरकार राज्य में रहने वाले तेंदूपत्ता संग्राहक ओं के लिए बीमा योजनाओं को शुरू करने जा रही है और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने यह बताया है कि केंद्र सरकार ने तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana 2020 को बंद कर दिया है। ऐसी स्थिति में अब राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्रहण को के लिए उनके हितों की सुरक्षा करने हेतु सामाजिक सुरक्षा योजना तथा असंगठित कामगार लागू कर रही है।

₹16,00,00,000 का प्रावधान इसके लिए लघु वनोपज सहकारी संघ की बैठक में किया गया है 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक को को इसके तहत लाभ प्राप्त होगा। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana 2020 किया है? इसके अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक को को को किन-किन प्रकार की सुविधाएं तथा लाभ प्राप्त होने वाली है? और क्यों तेंदूपत्ता बीमा योजना पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है? योजना के बारे में और जानकारी प्राप्त करने के लिए पढ़ते रहे।

तेंदूपत्ता क्या होता है : Tendupatta Update in Hindi

कुछ तो आप में से बहुत से लोगों को यह नहीं पता होगा कि तेंदूपत्ता क्या होता है? इसका उपयोग किस प्रकार से किया जाता है? और कहां पर इसका मुख्य तौर पर उपयोग होता है? तो हम आपको बता दे की तेंदूपत्ता एक तरीके का पत्ता ही होता है, जिसको को के साथ इस्तेमाल किया जाता है आपने देखा होगा कि बहुत से लोग सिगरेट पीते हैं या फिर बीड़ी पीते हैं तो वह मेरी इस तेंदू पत्ते से ही तैयार की जाती है

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तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana 2020 तेंदू के पत्ते का इस्तेमाल बीड़ी बनाने के लिए किया जाता है। तेंदू के पत्तों में तंबाकू को लपेटा जाता है और इसी प्रकार से तेंदू के पत्तों में तंबाकू को लपेटकर बीड़ी बनाई जाती है। बीड़ी नाम का शब्द बीड़ा से उत्पन्न हुआ है जो कि पान के पत्तों में सुपारी और कुछ अन्य मसाले डालकर बनाई जाती है।

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छत्तीसगढ़ तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana का उद्देश्य

बैठक में मंत्री अकबर ने बताया कि तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana के अंतर्गत असंगठित कामगार को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। उसी के साथ साथ उन्हें ₹100000 वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस तेंदूपत्ता बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य है।

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  • तेंदूपत्ता बीमा योजना – Tendupatta Beema Yojana के अंतर्गत असंगठित कामगारों को रोजगार प्रदान होगा।
  • अब तेंदूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा लोगों को तेंदूपत्ता बीमा योजना के तहत मिलेगी।
  • तेंदूपत्ता संग्राहकों की सामान्य मृत्यु होने पर उन्हें ₹100000 दिए जाएंगे।
  • यदि कोई विकलांगता हो जाती है तब उन्हें ₹50000 देने का प्रावधान योजना के तहत प्रदान होगा।
  • योजना के तहत अब तेंदूपत्ता संग्रहण के परिवार में कम से कम एक साइकिल भी प्रदान की जाएगी।
  • ₹10000 प्रसूति व्यय भी संतानों के लिए दिया जाएगा।
  • पूरी पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति देने का प्रावधान 2 बांधों के लिए है।

तेंदूपत्ता बीमा योजना की सूची – Tendupatta Beema Yojana list

तेंदूपत्ता संग्राहक के लिए Chhattisgarh Tendupatta Beema Yojana के अंतर्गत काफी सारी योजना प्रदान की जा रही है जो निम्नलिखित नीचे दिन है इस प्रकार से है।

  • व्यावसायिक शिक्षा प्रोत्साहन योजना
  • गैर व्यवसायिक स्थानक शिक्षा अनुदान योजना
  • समूह बीमा योजना
  • जनश्री बीमा योजना
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य पर योजना

व्यावसायिक शिक्षा प्रोत्साहन योजना

  • समिति स्तर पर विद्यार्थी का चयन इंजीनियरिंग एमबीए मेडिकल आदि के लिए पहले वर्ष में ₹10000 की सुविधा।
  • दूसरे वर्ष से लेकर चौथे वर्ष तक के लिए ₹5000 प्रदान किए जाते हैं।
  • जिन्होंने दसवीं कक्षा में 75% जातियां फिर उससे ज्यादा अंक लिए है उन्हें 15000 का उत्तीर्ण।
  • जिन्होंने 12वीं कक्षा में 75% फिर उससे ज्यादा अंक लिए है तब उन्हें ₹50000 का उत्तीर्ण।

गैर व्यवसायिक स्नातक शिक्षा अनुदान योजना

CG Tendupatta Beema Yojana : छात्र आया छात्रा का चयन समिति स्तर पर व्यावसायिक स्नातक शिक्षा अनुदान योजना के तहत व्यावसायिक कोर्स के लिए धनराशि प्रदान की जाती है।

कोर्स जैसे कि

  • बीएससी
  • बीकॉम
  • बीए

व्यावसायिक कोर्स के लिए धनराशि

  • पहले वर्ष में ₹5000 की धनराशि प्रदान की जाती है
  • दूसरे वर्ष में ₹4000 की धनराशि प्रदान की जाती है
  • तीसरे वर्ष में ₹3000 की धनराशि प्रदान की जाती है

समूह बीमा योजना

समूह बीमा योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक मुखिया के अतिरिक्त परिवार के अन्य सदस्य जीने की उम्र 18 वर्ष से 59 वर्ष के बीच हो उनका बीमा कराया जाता है।

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  • सामान्य रूप से बीमित सदस्य की मृत्यु होने पर ₹10000 की राशि दावेदार को प्राप्त होते हैं।
  • किसी दुर्घटना से बीमित सदस्य की मृत्यु होने पर 31,500₹ प्रदान किये जाते हैं।
  • दुर्घटना से बीमित सदस्य अपंगता होने पर ₹12500 प्रदान किए जाते हैं।

जनश्री बीमा योजना

Chhattisgarh Tendupatta Beema Yojana : संग्रह परिवार के मुखिया की आयु 18 से 59 वर्ष के बीच हो उनका बीमा जनश्री बीमा योजना के तहत कराया जाता है।

  • सामान्य रूप से बीमित सदस्य की मृत्यु होने पर ₹30,000 की राशि दावेदार को प्राप्त होते हैं।
  • दुर्घटना से बीमित सदस्य की मृत्यु होने पर 75,000₹ प्रदान किये जाते हैं।
  • किसी दुर्घटना से बीमित सदस्य अपंगता होने पर ₹37,500 प्रदान किए जाते हैं।

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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर योजना

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर योजना के अंतर्गत भारत शासन के न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत चिरौंजी, गुठली, लाख हर्रा, हर्रा और महुआ अलग अलग दरों पर बीज का संग्रहण प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाता है।

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  • 150 रुपए प्रति किलो कुसमी लाख
  • ₹100 प्रति किलो रंगीली लाख
  • 8 रुपए प्रति किलो हरा
  • ₹20 प्रति किलो महुआ
  • ₹60 प्रति किलो चिरौंजी
  • ₹60 प्रति किलो गुठली
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